कर्मण्येवाधिकारस्ते
You have the right to act...
कर्मण्येवाधिकारस्ते
You have the right to act...
इस श्लोक पर निर्देशित ध्यान: शांत हो जाइए, इसके अर्थ के साथ श्वास लीजिए, मौन में विश्राम कीजिए, और इसके सार को अपने दिन में ले जाइए।
मय्येव मन आधत्स्व मयि बुद्धिं निवेशय |
निवसिष्यसि मय्येव अत ऊर्ध्वं न संशयः ||१२-८||
mayyeva mana ādhatsva mayi buddhiṃ niveśaya .
nivasiṣyasi mayyeva ata ūrdhvaṃ na saṃśayaḥ ||12-8||
।।12.8।। तुम अपने मन और बुद्धि को मुझमें ही स्थिर करो, तदुपरान्त तुम मुझमें ही निवास करोगे, इसमें कोई संशय नहीं है।।
सुनें
मय्येव मन आधत्स्व मयि बुद्धिं निवेशय |
निवसिष्यसि मय्येव अत ऊर्ध्वं न संशयः ||१२-८||
mayyeva mana ādhatsva mayi buddhiṃ niveśaya .
nivasiṣyasi mayyeva ata ūrdhvaṃ na saṃśayaḥ ||12-8||
BG 12.8
समाधान करें
अपना मन और अपनी समझ दिव्य में विश्राम दो, और तुम पहले से वहीं बसते हो। लक्ष्य करो कि अभी तुम्हारा मन कहाँ विश्राम कर रहा है।
सार
मन को दिव्य में विश्राम दो, और वहीं बसो।
श्वास लें
तुम्हारा मन दिव्य में विश्राम करता है तुम अपनी समझ भी वहीं विश्राम देते हो
ध्यान करें
हाल में तुम्हारा मन कहाँ अपना घर बनाता रहा है?
साथ ले जाएँ
लिखो कि तुम अपना मन कहाँ विश्राम देना चाहते हो।