कर्मण्येवाधिकारस्ते
You have the right to act...
कर्मण्येवाधिकारस्ते
You have the right to act...
इस श्लोक पर निर्देशित ध्यान: शांत हो जाइए, इसके अर्थ के साथ श्वास लीजिए, मौन में विश्राम कीजिए, और इसके सार को अपने दिन में ले जाइए।
इति ते ज्ञानमाख्यातं गुह्याद्गुह्यतरं मया |
विमृश्यैतदशेषेण यथेच्छसि तथा कुरु ||१८-६३||
iti te jñānamākhyātaṃ guhyādguhyataraṃ mayā .
vimṛśyaitadaśeṣeṇa yathecchasi tathā kuru ||18-63||
।।18.63।। इस प्रकार समस्त गोपनीयों से अधिक गुह्य ज्ञान मैंने तुमसे कहा; इस पर पूर्ण विचार (विमृश्य) करने के पश्चात् तुम्हारी जैसी इच्छा हो, वैसा तुम करो।।
सुनें
इति ते ज्ञानमाख्यातं गुह्याद्गुह्यतरं मया |
विमृश्यैतदशेषेण यथेच्छसि तथा कुरु ||१८-६३||
iti te jñānamākhyātaṃ guhyādguhyataraṃ mayā .
vimṛśyaitadaśeṣeṇa yathecchasi tathā kuru ||18-63||
BG 18.63
समाधान करें
गहनतम ज्ञान साझा हो चुका; अब चिंतन करो, और फिर स्वतंत्र रूप से चुनो। स्वतंत्रता अंतिम उपहार है। अपने ही चुनाव के भार के साथ बैठो।
सार
पूर्णतः चिंतन करो, फिर स्वतंत्र रूप से चुनो।
श्वास लें
तुम शिक्षा को भीतर लेते हो तुम चुनाव को अपना होने देते हो
ध्यान करें
अब जब तुमने सुन लिया, तुम स्वतंत्र रूप से क्या चुनोगे?
साथ ले जाएँ
उस चुनाव को लिखो जो तुम्हारा, और केवल तुम्हारा करने को है।