कर्मण्येवाधिकारस्ते
You have the right to act...
कर्मण्येवाधिकारस्ते
You have the right to act...
let go of all, and take refuge
इस श्लोक पर निर्देशित ध्यान: शांत हो जाइए, इसके अर्थ के साथ श्वास लीजिए, मौन में विश्राम कीजिए, और इसके सार को अपने दिन में ले जाइए।
सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज |
अहं त्वा सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुचः ||१८-६६||
sarvadharmānparityajya māmekaṃ śaraṇaṃ vraja .
ahaṃ tvāṃ sarvapāpebhyo mokṣyayiṣyāmi mā śucaḥ ||18-66||
।।18.66।। सब धर्मों का परित्याग करके तुम एक मेरी ही शरण में आओ, मैं तुम्हें समस्त पापों से मुक्त कर दूँगा, तुम शोक मत करो।।
सुनें
सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज |
अहं त्वा सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुचः ||१८-६६||
sarvadharmānparityajya māmekaṃ śaraṇaṃ vraja .
ahaṃ tvāṃ sarvapāpebhyo mokṣyayiṣyāmi mā śucaḥ ||18-66||
BG 18.66
समाधान करें
सब कुछ छोड़ दो — हर नियम, हर चिंता। पूर्ण शरण लो, और हर बोझ से मुक्त हो जाओ। शोक मत करो। अभी छोड़ दो।
सार
सब छोड़ो; शरण लो; शोक मत करो।
श्वास लें
तुम हर बोझ समेटते हो तुम उस सबको छोड़ते हो
ध्यान करें
पूर्णतः समर्पित होने के लिए तुम्हें क्या रखना होगा?
साथ ले जाएँ
उस एक बोझ को लिखो जिसे तुम सबसे अधिक रख देना चाहते हो।