कर्मण्येवाधिकारस्ते
You have the right to act...
कर्मण्येवाधिकारस्ते
You have the right to act...
इस श्लोक पर निर्देशित ध्यान: शांत हो जाइए, इसके अर्थ के साथ श्वास लीजिए, मौन में विश्राम कीजिए, और इसके सार को अपने दिन में ले जाइए।
न त्वेवाहं जातु नासं न त्वं नेमे जनाधिपाः |
न चैव न भविष्यामः सर्वे वयमतः परम् ||२-१२||
na tvevāhaṃ jātu nāsaṃ na tvaṃ neme janādhipāḥ .
na caiva na bhaviṣyāmaḥ sarve vayamataḥ param ||2-12||
।।2.12।। वास्तव में न तो ऐसा ही है कि मैं किसी काल में नहीं था अथवा तुम नहीं थे अथवा ये राजालोग नहीं थे और न ऐसा ही है कि इससे आगे हम सब नहीं रहेंगे।।
सुनें
न त्वेवाहं जातु नासं न त्वं नेमे जनाधिपाः |
न चैव न भविष्यामः सर्वे वयमतः परम् ||२-१२||
na tvevāhaṃ jātu nāsaṃ na tvaṃ neme janādhipāḥ .
na caiva na bhaviṣyāmaḥ sarve vayamataḥ param ||2-12||
BG 2.12
समाधान करें
ऐसा कोई समय कभी नहीं था जब तुम यहाँ न रहे हो। उस शांत निश्चय में बैठ जाओ।
सार
ऐसा कभी न था जब तुम न रहे हो।
श्वास लें
तुम सदा रहे होने में विश्राम करते हो तुम कभी न होने के भय को छोड़ते हो
ध्यान करें
तुम्हारे हर अनुभव के पीछे, सदा क्या देखता आया है?
साथ ले जाएँ
सदा उपस्थित उस चेतना को अपनी छोटी-सी पंक्ति स्वयं लिखने दो।