कर्मण्येवाधिकारस्ते
You have the right to act...
कर्मण्येवाधिकारस्ते
You have the right to act...
इस श्लोक पर निर्देशित ध्यान: शांत हो जाइए, इसके अर्थ के साथ श्वास लीजिए, मौन में विश्राम कीजिए, और इसके सार को अपने दिन में ले जाइए।
अविनाशि तु तद्विद्धि येन सर्वमिदं ततम् |
विनाशमव्ययस्यास्य न कश्चित्कर्तुमर्हति ||२-१७||
avināśi tu tadviddhi yena sarvamidaṃ tatam .
vināśamavyayasyāsya na kaścitkartumarhati ||2-17||
।।2.17।। उस वस्तु को तुम अविनाशी जानों, जिससे यह सम्पूर्ण जगत् व्याप्त है। इस अव्यय का नाश करने में कोई भी समर्थ नहीं है।।
सुनें
अविनाशि तु तद्विद्धि येन सर्वमिदं ततम् |
विनाशमव्ययस्यास्य न कश्चित्कर्तुमर्हति ||२-१७||
avināśi tu tadviddhi yena sarvamidaṃ tatam .
vināśamavyayasyāsya na kaścitkartumarhati ||2-17||
BG 2.17
समाधान करें
जो कुछ तुम देख सकते हो, उसके नीचे कुछ है जो इस सबको थामे है और टूट नहीं सकता। उस पर पीछे टिक जाओ।
सार
इस सबका आधार नष्ट नहीं हो सकता।
श्वास लें
तुम अविनाशी को अनुभव करते हो तुम जो टूट सकता है उसे छोड़ते हो
ध्यान करें
जब हर टूटने योग्य चीज़ हट जाए, तो क्या शेष रहता है?
साथ ले जाएँ
अटूट में विश्राम करो, और तभी लिखो जब शब्द स्वयं उठें।