कर्मण्येवाधिकारस्ते
You have the right to act...
कर्मण्येवाधिकारस्ते
You have the right to act...
इस श्लोक पर निर्देशित ध्यान: शांत हो जाइए, इसके अर्थ के साथ श्वास लीजिए, मौन में विश्राम कीजिए, और इसके सार को अपने दिन में ले जाइए।
त्रैगुण्यविषया वेदा निस्त्रैगुण्यो भवार्जुन |
निर्द्वन्द्वो नित्यसत्त्वस्थो निर्योगक्षेम आत्मवान् ||२-४५||
traiguṇyaviṣayā vedā nistraiguṇyo bhavārjuna .
nirdvandvo nityasattvastho niryogakṣema ātmavān ||2-45||
।।2.45।। हे अर्जुन वेदों का विषय तीन गुणों से सम्बन्धित (संसार से) है तुम त्रिगुणातीत? निर्द्वन्द्व? नित्य सत्त्व (शुद्धता) में स्थित? योगक्षेम से रहित और आत्मवान् बनो।।
सुनें
त्रैगुण्यविषया वेदा निस्त्रैगुण्यो भवार्जुन |
निर्द्वन्द्वो नित्यसत्त्वस्थो निर्योगक्षेम आत्मवान् ||२-४५||
traiguṇyaviṣayā vedā nistraiguṇyo bhavārjuna .
nirdvandvo nityasattvastho niryogakṣema ātmavān ||2-45||
BG 2.45
समाधान करें
तीन शक्तियों से ऊपर उठो, विपरीतताओं के खिंचाव के परे। शुद्ध, स्थिर सत्ता में विश्राम करो। अभी उसमें पीछे टिक जाओ।
सार
विपरीतताओं से ऊपर उठो; सत्ता में विश्राम करो।
श्वास लें
तुम खिंचाव से ऊपर उठते हो तुम स्थिर सत्ता में बैठ जाते हो
ध्यान करें
सुख, महत्वाकांक्षा या आलस्य से खिंचते हुए, चुनने का गहरा स्थान कहाँ है?
साथ ले जाएँ
एक ऐसे खिंचाव को लिखो जिसके नीचे तुम स्वतंत्र रूप से चुनना चाहते हो।