कर्मण्येवाधिकारस्ते
You have the right to act...
कर्मण्येवाधिकारस्ते
You have the right to act...
इस श्लोक पर निर्देशित ध्यान: शांत हो जाइए, इसके अर्थ के साथ श्वास लीजिए, मौन में विश्राम कीजिए, और इसके सार को अपने दिन में ले जाइए।
तस्मादसक्तः सततं कार्यं कर्म समाचर |
असक्तो ह्याचरन्कर्म परमाप्नोति पूरुषः ||३-१९||
tasmādasaktaḥ satataṃ kāryaṃ karma samācara .
asakto hyācarankarma paramāpnoti pūruṣaḥ ||3-19||
।।3.19।। इसलिए, तुम अनासक्त होकर सदैव कर्तव्य कर्म का सम्यक् आचरण करो; क्योकि, अनासक्त पुरुष कर्म करता हुआ परमात्मा को प्राप्त होता है।।
सुनें
तस्मादसक्तः सततं कार्यं कर्म समाचर |
असक्तो ह्याचरन्कर्म परमाप्नोति पूरुषः ||३-१९||
tasmādasaktaḥ satataṃ kāryaṃ karma samācara .
asakto hyācarankarma paramāpnoti pūruṣaḥ ||3-19||
BG 3.19
समाधान करें
कर्म तुममें से बह सकता है बिना तुम्हारे उसे पकड़े। तुम कर्ता नहीं, केवल खुला उपकरण हो।
सार
कर्म करो, और कर्म को अपने में से बहने दो।
श्वास लें
तुम उपकरण बन जाते हो तुम करने पर अपनी पकड़ छोड़ते हो
ध्यान करें
यदि तुम्हारा कर्म बस तुममें से बहे, तो वह कैसा लगता?
साथ ले जाएँ
ऐसा कर्म लिखो जिसे तुम किसी प्रिय के लिए करते हुए कर सको।